क्या एक राष्ट्रपति का आदेश संविधान की नींव को हिला सकता है? US Supreme Court ने 27 जून 2025 को राष्ट्रपति Donald Trump के birthright citizenship को सीमित करने वाले आदेश पर एक बड़ा फैसला सुनाया, जिसने पूरे अमेरिका में बहस छेड़ दी है। यह फैसला न सिर्फ कानूनी, बल्कि भावनात्मक और सामाजिक रूप से भी गहरे सवाल उठाता है। आइए, समझें कि यह क्या है और इसका असर क्या होगा!
US Supreme Court का फैसला: Nationwide Injunctions पर रोक
US Supreme Court ने 6-3 के विभाजित फैसले में कहा कि कोई भी सिंगल फेडरल जज अब पूरे देश में राष्ट्रपति के आदेश को रोकने वाला “nationwide injunction” जारी नहीं कर सकता। यह Trump के लिए एक आंशिक जीत है, जो लंबे समय से जजों की ऐसी शक्ति की आलोचना करते रहे हैं। जस्टिस Amy Coney Barrett ने लिखा, “ऐसे इंजक्शन Congress द्वारा दी गई शक्ति से बाहर हैं।” हालांकि, कोर्ट ने आदेश को तुरंत लागू करने की अनुमति नहीं दी और 30 दिन की रोक लगाई, ताकि निचली अदालतें अपने फैसलों को समायोजित कर सकें।
Birthright Citizenship आदेश: अभी रुका हुआ है
US Supreme Court ने Trump के उस कार्यकारी आदेश पर कोई अंतिम राय नहीं दी, जो अमेरिका में गैर-नागरिकों के बच्चों को स्वत: नागरिकता देने से रोकता है। यह आदेश 14वें संशोधन को चुनौती देता है, जो कहता है कि “अमेरिका में जन्मे सभी व्यक्ति नागरिक हैं।” कोर्ट ने 30 दिन की रोक लगाई है, जिसका मतलब है कि यह आदेश अभी लागू नहीं होगा। निचली अदालतों को अब यह तय करना है कि क्या वे अपने इंजक्शन को सीमित करेंगी या नए सिरे से कार्रवाई करेंगी।
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मामला क्या है? Trump का विवादास्पद आदेश
20 जनवरी 2025 को अपने पहले दिन, Trump ने एक कार्यकारी आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि अवैध प्रवासियों या अस्थायी वीजा पर रहने वाले लोगों के बच्चों को अमेरिकी नागरिकता नहीं मिलेगी। यह आदेश 14वें संशोधन की व्याख्या पर सवाल उठाता है। कानूनी विशेषज्ञ और 22 राज्यों ने इसे “असंवैधानिक” बताया है। NPR/Ipsos के एक पोल के मुताबिक, केवल 28% अमेरिकी इस बदलाव का समर्थन करते हैं, जबकि 52% इसका विरोध करते हैं। यह मामला भावनाओं को भड़काने वाला है, क्योंकि यह लाखों बच्चों के भविष्य से जुड़ा है।
आगे क्या? कानूनी जंग अभी बाकी
US Supreme Court ने आदेश की संवैधानिकता पर फैसला टाल दिया है, जिसका मतलब है कि यह सवाल भविष्य में फिर कोर्ट के सामने आएगा। अगले 30 दिनों में निचली अदालतें नए इंजक्शन जारी कर सकती हैं या मौजूदा आदेशों को संशोधित कर सकती हैं। ACLU और 22 राज्यों ने इसे “गैरकानूनी” बताते हुए मुकदमों को जारी रखने की कसम खाई है। जस्टिस Sonia Sotomayor ने असहमति जताते हुए कहा, “यह फैसला संविधान को दरकिनार करने की खुली छूट देता है।” यह बहस लाखों परिवारों के लिए अनिश्चितता लाती है।
अंत में: एक अनिश्चित भविष्य
US Supreme Court का यह फैसला एक तरफ Trump के लिए जीत है, लेकिन birthright citizenship का भविष्य अब भी अस्पष्ट है। अगले 30 दिन निर्णायक होंगे, क्योंकि निचली अदालतें और वादी नए कानूनी रास्ते तलाश रहे हैं। क्या यह आदेश लागू होगा, या संविधान की रक्षा होगी? अपने विचार कमेंट में साझा करें और इस ब्लॉग को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें ताकि वे भी इस महत्वपूर्ण मुद्दे को समझ सकें